जिला आपूर्ति पदाधिकारी को बिहार राज्य खाद्य आयोग ने किया तलब
सबूतों के साथ उपस्थित होने का बिहार राज्य खाद्य आयोग ने दिया निर्देश।
मामला राशनकार्ड बनाने में धांधली और डाटा से छेड़छाड़, और कम राशन वितरण करने का।
बेगूसराय - कौन कहता है कि सच की कभी जीत नहीं होती है देर सही मगर दुरूस्त काम होता है। चलिए क्या है मामला इससे अवगत कराते हैं ये मामला है जिलें में राशनकार्ड बनाने में अनियमितता और कम राशन वितरण करने का जिसको लेकर नवबिहार दूत, और झंझट टाइम्स अखबार के ब्यूरो चीफ के द्धारा खबर प्रकाशित किया गया था। जिसमें जिलें के तेघड़ा प्रखंड में डाटा ऑपरेटर द्धारा अपनें ही घरों में सात राशनकार्ड बनाने का मामला प्रकाश में आया था। जिसमें एक लोगों के नाम से दो-दो तीन राशनकार्ड बनाने का मामला सामने आया। मगर इस मामले में संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो इसलिए प्रखंड से लेकर जिलें तक के अधिकारी मामला दबाने में लग गए और जो भी आवेदन दिया गया उसको दबा दिए। फिर भी पत्रकार अभिमन्यु सिंह के द्धारा जिलें से लेकर राज्य सरकार, केंद्र सरकार तक आवेदन और साक्ष्य देकर मामले को जांच करने की गुहार लगाई गई। आखिरकार बिहार राज्य खाद्य आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में वाद दायर कर जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दिनांक 07.01.2021 को दिन के 1 बजकर 30 मिनट पर आयोग के न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश जारी किया। और जिला आपूर्ति पदाधिकारी को पूरी साक्ष्य के साथ आयोग के न्यायालय में आने को बोला गया। अब सवाल बनता है कि आखिर सात राशनकार्ड किसके देखरेख में बनाया गया, और सात राशनकार्ड बनाने वाले पर आखिर मेहरबान क्यों है जिला व प्रखंड के अधिकारीगण देखना दिलचस्प होगा कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी कौन से दस्तावेज आयोग के न्यायालय में पेश करतें हैं।

