एनडीए सरकार ने मिथिलांचल में चल रहे कल कारखानों को बंद कर कल पुर्जो को कौड़ी के भाव बेच दिया-शितलाम्बर
मधुबनी
प्रो शीतलाम्बर झा अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमिटी मधुबनी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि आज ही के दिन 22 दिसम्बर 2003 को मिथिलावासियों का मातृभाषा मैथिली को संबैधानिक मान्यता मिलने पर मिथिलावासियों को शुभकामनाएं एवम बधाई दिए है। प्रो झा ने कहा है कि बिहार के एकमात्र संबैधानिक मान्यताप्राप्त भाषा मैथिली है ,लेकिन नीतीश कुमार एवम बीजेपी की सरकार के उपेक्षा के कारण आज भी मैथिली अपमानित हो रही है ,18 बर्षों के बाद भी मैथिली की पढ़ाई प्राइमरी स्कूलों में नही हो रही है,मैथिली शिक्षकों की बहाली नही होना क्या दर्शाता है,मैथिली को राजकाज की भाषा घोषित नही करना यह मिथिला की अपमान ही है,आज मिथिला का विकास अवरुद्ध है सभी उद्योग रैयाम ,लोहट,सकरी चीनी मील बन्द परे है,पंडौल का सुता फैक्ट्री,गुलकोज फैक्ट्री, अशोक पेपर मील, जूट फैक्ट्री भी बर्षों से बन्द है ,मिथिला का सभ्यता एवम संस्कृति को मिटाने का खड़यंत्र हो रही है,मिथिला का पहचान प्रसिद्ध मखान को बिहार का मखाना कर जियोटैग करने का कुत्सित प्रयास हुआ जो निन्दनीय है।विश्व महाकवि विद्यापति, कालिदास जी का जन्मभूमि उपेक्षित है ,मिथिला की एक भी धरोहर को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित नही किया गया।नीतीश कुमार की सरकार कहती है मिथिला के विकास के बिना बिहार के विकास की कल्पना नही की जा सकती है लेकिन वास्तविकता यह है कि सरकार के एजेंडा में सिर्फ और सिर्फ नालन्दा एवम पटना तक ही सीमित है।मिथिला के लोग कभी बाढ़ तो कभी सूखा से परेशान है उसका रोकथाम के समुचित व्यवस्था नही की जा रही है,छात्र नौजवान सभी पलायन करने को मजबूर है।



