7 बच्चों ने राज्य स्तरीय बाल काँग्रेस कार्यक्रम के प्रतियोगिता लिया भाग
मधुबनी
रीजनल सेकेंडरी स्कूल ,ट्रिनिटी स्कूल ,उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय दुलीपट्टी ,उच्च विद्यालय राजनगर, मध्य विद्यालय महथा के छात्र छात्राओं ने दिया एक से एक परियोजना
बच्चे बाल बैज्ञानिक बन सकते हैं आवश्यकता है उन्हें सिर्फ शिक्षकों के द्वारा मार्गदर्शन का। इसका उदाहरण है बाल विज्ञान कांग्रेस का प्लेटफार्म जो इस जिले में 1993 से ही बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में जिला समन्वयक संतोष कुमार मिश्र ‘चुन्नू’ के नेतृत्व में लगा हुआ है ।आज 28वी राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस उत्तर बिहार मुजफ्फरपुर में गूगल मीट के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को मधुबनी जिले के 7 छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति की। सर्वप्रथम रीजनल सेकेंडरी स्कूल के प्रीति कुमारी वर्ग 10 की छात्रा ने बथुआ से डाइजेस्टिव सिरप और विषाणु निरोधक पाउडर बनाकर अचंभित कर दिया है प्रीति कुमारी कहती है कि सैकड़ों लोग इस दवा का उपयोग करके इसे सराहनीय कहा है वही रिजनल सेकंडरी स्कूल के सभ्या रानी ने कहा कि मोरिंगा से दवा बनाकर लोगों को इस महामारी कोविड-19 के दौरान रोजगार प्रदान करना। वही राजनगर के रामेश्वर प्लस टू विद्यालय के छात्र शक्ति नारायण मुखिया ने कहा खुले में शौच की हानि और शौचालय उपयोग के लाभ और जनसंख्या नियंत्रण के लाभ वही त्रिनिटी स्कूल की छात्रा आफरीन का कहना है कि तुलसी पुदीना एलोवेरा के उपयोग करने का फायदा वही कोविड-19 में सैनिटाइजर की आवश्यकता को देखते हुए महथा उत्क्रमित विद्यालय के छात्र प्रीतम कुमार ने एक ऐसा सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की जो साउंड सेंसर पर आधारित है जिस को बिना छुए हुए हुए इसका उपयोग कर सकते हैं जिससे संक्रमण आदि से बचा जा सकता है इस अवसर पर रीजनल सेकेंडरी स्कूल के स्मार्ट क्लास में कार्यक्रम की ऑनलाइन प्रस्तुति किया गया इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक बाल विज्ञान कांग्रेस के राज्य संरक्षक डॉ आर एस पांडे ने कहा कि आने वाले समय में यहां के बच्चे भी अच्छे वैज्ञानिक बनेंगे लेकिन जरूरत है हम शिक्षकों को सही दिशा निर्देश दे सके ताकि बच्चा आगे बढ़ सके और हमारा कर्तव्य बनता है कि बच्चे को आगे बढ़ाना शिक्षकों का मुख्य काम होना चाहिए वही जिला एकेडमिक कोऑर्डिनेटर एवं विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार झा ने कहा कि बच्चे को विज्ञान के क्षेत्र में अभिरुचि है लेकिन जरूरत है इसे आगे बढ़ाने की ताकि बच्चे भी नई नई बातों की जानकारी पा सके वहीं जिला समन्वयक संतोष कुमार मिश्र चुन्नू ने कहा कि यहां की धरती विद्वानों की धरती है जहां एक से एक विद्वान हुए हैं बाल विज्ञान कांग्रेस में भी यह जिला शीघ्र गति से आगे बढ़ रहा है मुझे विश्वास है कि शिक्षकों का सही दिशा निर्देश मिले तो यह जिला विज्ञान के क्षेत्र में भी आगे बढ़ेगा इस अवसर पर राजीव कुमार, इंजीनियर प्रत्यूष परिमल , पवन तिवारी, अमित कुमार शाही, पंकज कुमार प्रेमनाथ गोसाई ,विनय कुमार राजाराम झा आदि उपस्थित थे।


