हर जगह नल-जल योजना दिख रहा विफल चेरियाबरियारपुर (बेगुसराय)
वॉइस ऑफ इंडिया के संवाददाता रामाधार साहनी के साथ हिमांशु कुमार की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत नल-जल योजना के उद्घाटन के बाद भी पंचायत में योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। नल-जल योजना के उद्घाटन के महीनों बाद भी लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से संभव नहीं हो सकी है। वही मंझौल के पंचायत में नल-जल का काम अभी भी आधा-अधूरा ही हो सका है। मामला पंचायत के वार्ड एक, वार्ड सात और वार्ड नौ का है। इस वार्डो के वार्ड सदस्यों ने इसको लेकर बीडीओ को एक ज्ञापन देकर मामले में संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। अपने आवेदन में वार्ड सदस्य ने कहा है कि राशि के अभाव में योजना प्रभावित हो रही है। ग्राम पंचायत कर्णपुर अंतर्गत वार्ड एक, सात और नौ में बहुत जद्दोजहद के बाद 29 अगस्त को नल-जल योजना संचालन के लिए वार्ड क्रियान्वयन प्रबंध समिति के खाते में 10-10 लाख की राशि डाली गई। राशि मिलने के बाद प्रबंध समिति के द्वारा लगभग 80% काम पूरा कर लिया गया है। योजना के आगे का काम राशि के अभाव में रुका हुआ है। इसकी सूचना प्रखंड एवं पंचायत कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया है। तदुपरांत खाते में राशि अप्राप्त है। इस उद्देश्य को लेकर जब हम वार्ड सदस्य प्रभारी मुखिया से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करते हैं तो उनके द्वारा इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। साथ ही उनके द्वारा विभिन्न प्रकार की आनाकानी की जाती रही है। वार्ड सदस्यों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी से अपने आवेदन में कहा है कि योजना के अधिकतर कार्य को मूर्त रूप देने के लिए उचित कार्रवाई करते हुए मार्गदर्शन दिया जाए। ताकि, पेयजल योजना प्रभावित ना हो और शीघ्र लोगों को पेयजल उपलब्ध हो सके। इस बारे में पूछने पर प्रभारी मुखिया ने कहा कि वार्ड सदस्यों का आरोप पूरी तरह गलत है। वार्ड प्रबंध समिति के द्वारा करवाया जा रहा काम गुणवत्तापूर्ण नही होने की शिकायत मिल रही है। वे काम की गुणवत्ता को लेकर प्रतिबद्ध हैं। नियमानुसार योजनाओ की जांच कर और एमबी बुक हो जाने के बाद ही बांकी की राशि का भुगतान किया जा सकता है। वो खुद जल्द से जल्द योजना को पूर्ण करवाकर अपने लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने को संकल्पित हैं।

