ट्टष्टिकुंज नेत्रालय में ब्लेडलेस केटारेक्ट सर्जरी रोबोटिक प्रेसिजन फेमटोसेकंड लेजर तकनीक से मोतियाबिंद के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव- डाॅ निम्मी रानी
पटना संवाददाता रंजीत कुमार डे कि रिपोर्ट
पटना::- जिला अंतर्गत सगुना मोड़ स्थित स्टेट आॅफ द आर्ट सुपर स्पेशयलिटी आई हाॅस्पिटल ट्टष्टिकुंज नेत्रालय में ब्लेडलेस केटारेक्ट सर्जरी के लिए अत्याधुनिक मशीन के उपलब्ध रहने से मोतियाबिंद की सर्जरी अब काफी सहज हो गई है। रोबोटिक या फेमटोसेकंड कैटरेक्ट सर्जरी मोतियाबिंद की सरल व प्रभावी सर्जरी के लिए विकसित की गई है। इसमें लेजर बीम का इस्तेमाल किया जाता है। जिसके परिणाम बहुत अच्छे मिलते हैं। यह सर्जरी 100 फीसदी ब्लेडफ्री है। इसमें टांके नहीं लगाए जाते और यह लगभग दर्द रहित सर्जरी हैं। डाॅ निम्मी रानी निदेशक, ट्टष्टिकुंज नेत्रालय, ने बताया कि इस तकनीक से ब्लेड रहित कैटरेक्ट व लेसिक सर्जरी दोनों संभव है। ब्लेडलेस होने के कारण जख्म और इंफेक्षन के खतरे भी बेहद कम हो गए हैं। इस उपचार के आने से मोतियाबिंद के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
आधुनिकतम चिकित्सा-
फेमटोसेकंड लेजर तकनीक मोतियाबिंद की प्रभारी सर्जरी में अहम भूमिका निभा रही है। इसे लेजर असिस्टेड मोतियाबिंद सर्जरी भी कहते हैं। मोतियाबिंद की शानदार चिकित्सा में फेमटोसेकंड तकनीक नवीनतम व महत्वपूर्ण खोज हैं। इसके माध्यम से बिना सुई चुभाए या ब्लेड का इस्तेमाल किए बगैर ही सफलतापूर्वक मोतियाबिंद की सर्जरी की जा रही है। इस तकनीक से किसी भी तरह की गलती की संभावना बेहद कम हो गई है। फेमटो मशीन द्वारा मोतियाबिंद की सर्जरी बहुत कम समय में हो जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह मौजूदा सर्जिकल विकल्पों के मुकाबले उत्तम है और साथ ही फायदेमंद भी है। चिकित्सकों का मानना है कि तकनीक को वरदान की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। फेमटो कैटरेक्ट सर्जरी के आने से मानवीय गलती की संभावनाएं भी समाप्त हो गई हैं।
*विशेषताएं:*
सुरक्षित, सरल और सटीक
कम समय में सर्जरी
बेहतर दृष्टि क्षमता
एस्टिग्मेटिज्म (अस्पष्ट दृष्टि) का इलाज काॅर्निया की आंतरिक परत की सम्पूर्ण सुरक्षा आपरेशन के दौरान व बाद में होने वाली परेशानी से मुक्ति कम समय में इलाज।
सर्जरी करते समय यह आॅखों का थ्री डायमेंशनल व्यू प्रदान करता है। सर्जरी के दौरान मरीज को परेशानी नहीं होती। यह तकनीक सर्जन को आसानी से मोतियाबिंद हटाने और अच्छे टिश्यू को बचाने में सहयोग करती है। सबसे अनोखी बात यह है कि ऐसे मरीज जिन्हें ब्लड प्रेशर, शुगर, सांस संबंधी रोग है या जो बहुत देर तक लेट नहीं सकते , वे भी इस तकनीक द्वारा इलाज करवा कर जल्दी हाॅस्पिटल से छुट्टी लेकर अपने घर जा सकते हैं। फेमटो कैटरेक्ट सर्जरी में उच्च गुणवतायुक्त लेंस का उपयोग किया जाता है जो चश्मे पर निर्भरता खत्म कर देता है। इस सर्जरी ने मोतियाबिंद की समस्या से जूझ रहे मरीजों के पढ़ने- लिखने, कम्प्यूटर वर्क और ड्राइविंग करने जैसे काम को सरल बना दिया है।

