घोघरडीहा के तत्कालीन बीईओ शशि शेखर पर गबन के मामले में कार्रवाई तय
मधुबनी
जिले के घोघरडीहा प्रखंड के तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शशि शेखर (अब दिवंगत) के द्वारा सरकारी राशि गबन किए जाने एवं उन्हें उनके कार्यकाल में एक से अधिक प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के मामले में अब बड़ी मछली के प्रशासनिक जाल में फंसने की संभावना बलबती हो गई है। प्राथमिक शिक्षा निदेश डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने उक्त मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को उक्त मामले में दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध प्रपत्र-क गठित कर प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने दो टूक शब्दों में अगाह किया है कि उक्त निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर संपूर्ण जवाबदेही क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, दरभंगा की होगी।क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, दरभंगा को भेजे गए पत्र में प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने कहा है कि मधुबनी जिले के घोघरडीहा प्रखंड के पूर्व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी स्व. शशि शेखर को घोघरडीहा प्रखंड के अतिरिक्त चार अन्य प्रखंडों का नियम के विपरीत प्रभार दिया गया था। स्व. शशि शेखर के द्वारा उनके कार्यकाल में सरकारी राशि का गबन किया गया है। सरकारी राशि की अवैध निकासी के रोकथाम के लिए जिला शिक्षा कार्यालय, मधुबनी के पदाधिकारियों द्वारा कोई प्रयास नहीं किया गया था। नियम के विपरीत अतिरिक्त प्रखंडों का प्रभार दिया जाना एवं सरकारी राशि की अवैध निकासी का रोकथाम के लिए प्रयास नहीं किया जाना अवैध निकासी में अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों की संलिप्तता को दर्शाता है। उक्त स्थिति के मद्देनजर ही प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, दरभंगा को निर्देश दिया है कि स्वयं मामले की स्थलीय जांच कर उक्त मामले में दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध प्रपत्र-क गठित कर प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।इस तरह हुआ उजागर हुआ गबन का मामला : माकपा नेता राजेश कुमार मिश्र ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से लेकर निगरानी अन्वेषण बयूरो तक को परिवाद पत्र भेजकर घोघरडीहा प्रखंड के तत्कालीन बीईओ शशि शेखर के विरुद्ध घोघरडीहा, खुटौना, अंधराठाढ़ी एवं मधवापुर प्रखंडों में तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिलीभगत कर सरकारी राशि की बड़े पैमाने पर अवैध निकासी करने का आरोप लगाते हुए मामले की गहर जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। श्री मिश्र के परिवाद पत्र के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सरकारी राशि की अवैध निकासी का मामला सामने आया। इसके बाद अवैध निकासी मामले में नामजद प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। अब विभाग उक्त अवैध निकासी में संलिप्त अन्य बड़ी मछली की संलिप्तता करार देते हुए उनके विरुद्ध भी कार्रवाई करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाया है।

